देवीं खड्गप्रहारैस्तु ते तां हन्तुं प्रचक्रमुः । सापि देवी ततस्तानि शस्त्राण्यस्त्राणि चण्डिका ॥ ४९ ॥
devīṁ khaḍgaprahāraistu te tāṁ hantuṁ prachakramuḥ sāpi devī tatastāni śhastrāṇyastrāṇi chaṇḍikā
हिंदी अर्थ
और कुछ ने खड्ग के प्रहार से देवी को मारने का प्रयत्न किया। पर उन चण्डिका देवी ने तब वे सब शस्त्र-अस्त्र
भावार्थ
"चण्डिका" (प्रचण्ड) नाम यहाँ युद्ध में आता है। यह पूरे ग्रंथ में उनके प्रमुख नामों में से एक है।
