Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 3

महिषासुरसैन्यवध

तत्रासुरैर्महावीर्यैर्देवसैन्यं पराजितम् । जित्वा च सकलान् देवानिन्द्रोऽभून्महिषासुरः ॥ ३ ॥

tatrāsurairmahāvīryairdevasainyaṁ parājitam jitvā cha sakalān devānindro’bhūnmahiṣhāsuraḥ

हिंदी अर्थ

उस युद्ध में महाबली असुरों ने देवताओं की सेना को हरा दिया, और सब देवताओं को जीतकर महिषासुर स्वयं इन्द्र बन बैठा।

भावार्थ

महिष केवल जीतता ही नहीं; वह इन्द्र का सिंहासन ले लेता है। ब्रह्मांडीय व्यवस्था उलट जाती है, स्वर्ग के राजा के आसन पर एक असुर बैठा है।