Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 26

महिषासुरसैन्यवध

अर्धचन्द्रं तथा शुभ्रं केयूरान् सर्वबाहुषु । नूपुरौ विमलौ तद्वद् ग्रैवेयकमनुत्तमम् ॥ २६ ॥

ardhachandraṁ tathā śhubhraṁ keyūrān sarvabāhuṣhu nūpurau vimalau tadvad graiveyakamanuttamam

हिंदी अर्थ

उज्ज्वल अर्धचन्द्र, सब भुजाओं के लिए केयूर, दो निर्मल नूपुर और सुंदर हँसली,

भावार्थ

उनके सिर पर अर्धचन्द्र, शिव की तरह, उनकी पारंपरिक मूर्ति-कला का अंग है।