ददतुस्तौ बलिं चैव निजगात्रासृगुक्षितम् । एवं समाराधयतोस्त्रिभिर्वर्षैर्यतात्मनोः ॥ १२ ॥
dadatustau baliṁ chaiva nijagātrāsṛigukṣhitam evaṁ samārādhayatostribhirvarṣhairyatātmanoḥ
हिंदी अर्थ
वे दोनों अपने शरीर के रक्त से प्रोक्षित बलि भी देते रहे। इस प्रकार संयमपूर्वक तीन वर्ष तक आराधना करते रहने पर,
भावार्थ
एक कठोर साधना, जो तीन वर्ष तक चली। श्लोक 12–13 एक ही वाक्य हैं।
