Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 12, श्लोक 30

फलस्तुति

दूरादेव पलायन्ते स्मरतश्चरितं मम ॥ ३० ॥

dūrādeva palāyante smarataśhcharitaṁ mama

हिंदी अर्थ

मेरे चरित्र का स्मरण करने वाले से दूर ही भाग जाते हैं।"

भावार्थ

एक अर्धश्लोक से देवी का कथन समाप्त होता है।