राज्ञा क्रुद्धेन चाज्ञप्तो वध्यो बन्धगतोऽपि वा । आघूर्णितो वा वातेन स्थितः पोते महार्णवे ॥ २७ ॥
rājñā kruddhena chājñapto vadhyo bandhagato’pi vā āghūrṇito vā vātena sthitaḥ pote mahārṇave
हिंदी अर्थ
कुपित राजा के आदेश से वध या बंधन के लिए ले जाए जाने पर, अथवा महासागर में नाव पर तूफ़ान से डगमगाने पर,
भावार्थ
राज्य और प्रकृति से आने वाले संकट।
