Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 12, श्लोक 19

फलस्तुति

दुर्वृत्तानामशेषाणां बलहानिकरं परम् । रक्षोभूतपिशाचानां पठनादेव नाशनम् ॥ १९ ॥

durvṛittānāmaśheṣhāṇāṁ balahānikaraṁ param rakṣhobhūtapiśhāchānāṁ paṭhanādeva nāśhanam

हिंदी अर्थ

यह सब दुराचारियों के बल का पूर्ण नाश करने वाला है। इसके पाठ मात्र से राक्षसों, भूतों और पिशाचों का नाश हो जाता है।

भावार्थ

मानवीय दुष्टता और अदृश्य शक्तियों, दोनों से रक्षा।