Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 12, श्लोक 13

फलस्तुति

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः । मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॥ १३ ॥

sarvābādhāvinirmukto dhanadhānyasutānvitaḥ manuṣhyo matprasādena bhaviṣhyati na saṁśhayaḥ

हिंदी अर्थ

वह मनुष्य मेरे प्रसाद से सब बाधाओं से मुक्त और धन, धान्य तथा पुत्र से सम्पन्न होगा, इसमें संदेह नहीं है।

भावार्थ

गीता प्रेस यहाँ "सर्वबाधा" पाठान्तर बताता है।