किरीटिनि महावज्रे सहस्रनयनोज्ज्वले । वृत्रप्राणहरे चैन्द्रि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥ १९ ॥
kirīṭini mahāvajre sahasranayanojjvale vṛitraprāṇahare chaindri nārāyaṇi namo’stu te
हिंदी अर्थ
किरीट और महावज्र धारण करने वाली, सहस्र नेत्रों से उद्दीप्त और वृत्रासुर के प्राण हरने वाली ऐन्द्री नारायणि! तुम्हें नमस्कार है।
भावार्थ
ऐन्द्री, इन्द्र की शक्ति। वेदों में इन्द्र का महान कार्य, वृत्र-वध, उन्हीं को श्रेय दिया गया है।
