त्रिशूलचन्द्राहिधरे महावृषभवाहिनि । माहेश्वरीस्वरूपेण नारायणि नमोऽस्तु ते ॥ १४ ॥
triśhūlachandrāhidhare mahāvṛiṣhabhavāhini māheśhvarīsvarūpeṇa nārāyaṇi namo’stu te
हिंदी अर्थ
माहेश्वरी रूप से त्रिशूल, चन्द्रमा और सर्प धारण करने वाली, महान वृषभ पर बैठने वाली नारायणि! तुम्हें नमस्कार है।
भावार्थ
माहेश्वरी, शिव की शक्ति।
