Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 1, श्लोक 89

मधुकैटभवध

एवं स्तुता तदा देवी तामसी तत्र वेधसा ॥ ८९ ॥

evaṁ stutā tadā devī tāmasī tatra vedhasā

हिंदी अर्थ

"वहाँ ब्रह्मा द्वारा इस प्रकार स्तुति किए जाने पर तमोगुण की अधिष्ठात्री देवी,

भावार्थ

उन्हें "तामसी" (तमोगुण की देवी) कहा गया है, क्योंकि वे स्वयं निद्रा हैं। इस प्रथम चरित्र में देवी महाकाली, अपने श्याम रूप में, प्रकट होती हैं।