त्वयैतत्पाल्यते देवि त्वमत्स्यन्ते च सर्वदा । विसृष्टौ सृष्टिरूपा त्वं स्थितिरूपा च पालने ॥ ७६ ॥
tvayaitatpālyate devi tvamatsyante cha sarvadā visṛiṣhṭau sṛiṣhṭirūpā tvaṁ sthitirūpā cha pālane
हिंदी अर्थ
हे देवि! तुम्हीं इसका पालन करती हो और अंत में तुम्हीं सदा इसे अपने में समेट लेती हो। सृष्टि के समय तुम सृष्टिरूपा और पालन के समय स्थितिरूपा हो,
भावार्थ
सृष्टि, पालन और संहार, जो प्रायः ब्रह्मा, विष्णु और शिव में बँटे होते हैं, सब देवी को दिए जाते हैं। स्वयं सृष्टिकर्ता ब्रह्मा यह कहते हैं।
