निद्रां भगवतीं विष्णोरतुलां तेजसः प्रभुः ॥ ७१ ॥
nidrāṁ bhagavatīṁ viṣhṇoratulāṁ tejasaḥ prabhuḥ
हिंदी अर्थ
भगवान ब्रह्मा ने अतुलनीय तेज वाले विष्णु की निद्रा, भगवती की स्तुति की।
भावार्थ
आगे आने वाली (73–87) ब्रह्मा की स्तुति है, सप्तशती की चार महान स्तुतियों में पहली। इसका पाठ प्रायः अलग से भी किया जाता है।
