Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 1, श्लोक 28

मधुकैटभवध

तेषु किं भवतः स्नेहमनुबध्नाति मानसम् ॥ २८ ॥

teṣhu kiṁ bhavataḥ snehamanubadhnāti mānasam

हिंदी अर्थ

उनके प्रति तुम्हारा मन स्नेह से क्यों बँधा हुआ है?"

भावार्थ

यह ढाँचा-कथा का केंद्रीय प्रश्न है: जिसने चोट पहुँचाई, हृदय उसी से क्यों बँधा रहता है? इसका उत्तर देने में पूरी सप्तशती लगती है।