Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 1, श्लोक 27

मधुकैटभवध

यैर्निरस्तो भवाँल्लुब्धैः पुत्रदारादिभिर्धनैः ॥ २७ ॥

yairnirasto bhavā~llubdhaiḥ putradārādibhirdhanaiḥ

हिंदी अर्थ

"जिन लोभी स्त्री-पुत्र आदि ने धन के कारण तुम्हें घर से निकाल दिया,

भावार्थ

राजा स्पष्ट प्रश्न पूछते हैं। ध्यान दें कि वे वैश्य में वह साफ़ देख पाते हैं जो अभी स्वयं में नहीं देख पाते।