Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 1, श्लोक 21

मधुकैटभवध

समाधिर्नाम वैश्योऽहमुत्पन्नो धनिनां कुले ॥ २१ ॥

samādhirnāma vaiśhyo’hamutpanno dhanināṁ kule

हिंदी अर्थ

"मैं धनियों के कुल में उत्पन्न समाधि नाम का वैश्य हूँ।

भावार्थ

उसका नाम "समाधि" है, जिसका अर्थ है गहरी ध्यानावस्था। यह संकेत देता है कि उसकी कथा कहाँ समाप्त होगी: 13.18 में वह देवी से धन नहीं, बल्कि मुक्तिदायक ज्ञान माँगता है।