Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 1, श्लोक 16

मधुकैटभवध

सञ्चितः सोऽतिदुःखेन क्षयं कोशो गमिष्यति । एतच्चान्यच्च सततं चिन्तयामास पार्थिवः ॥ १६ ॥

sañchitaḥ so’tiduḥkhena kṣhayaṁ kośho gamiṣhyati etachchānyachcha satataṁ chintayāmāsa pārthivaḥ

हिंदी अर्थ

बड़े कष्ट से जोड़ा गया मेरा वह खजाना खाली हो जाएगा।" राजा निरंतर इन और ऐसी ही अन्य बातों की चिंता करते रहे।

भावार्थ

"ये और अन्य बातें, निरंतर": मन गोल-गोल घूमता है। सुरथ ने राज्य तो छोड़ दिया, पर उसे अपने साथ वन में ले आए।