चकार कोपमतुलं रक्तबीजे निपातिते । शुम्भासुरो निशुम्भश्च हतेष्वन्येषु चाहवे ॥ ५ ॥
chakāra kopamatulaṁ raktabīje nipātite śhumbhāsuro niśhumbhaśhcha hateṣhvanyeṣhu chāhave
हिंदी अर्थ
"युद्ध में रक्तबीज और अन्य दैत्यों के मारे जाने पर शुम्भासुर और निशुम्भ के क्रोध की सीमा न रही।
भावार्थ
अध्याय 9 निशुम्भ की पराजय की कथा है।
