Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 9, श्लोक 5

निशुम्भवध

चकार कोपमतुलं रक्तबीजे निपातिते । शुम्भासुरो निशुम्भश्च हतेष्वन्येषु चाहवे ॥ ५ ॥

chakāra kopamatulaṁ raktabīje nipātite śhumbhāsuro niśhumbhaśhcha hateṣhvanyeṣhu chāhave

हिंदी अर्थ

"युद्ध में रक्तबीज और अन्य दैत्यों के मारे जाने पर शुम्भासुर और निशुम्भ के क्रोध की सीमा न रही।

भावार्थ

अध्याय 9 निशुम्भ की पराजय की कथा है।