नीरक्तश्च महीपाल रक्तबीजो महासुरः । ततस्ते हर्षमतुलमवापुस्त्रिदशा नृप ॥ ६२ ॥
nīraktaśhcha mahīpāla raktabījo mahāsuraḥ tataste harṣhamatulamavāpustridaśhā nṛipa
हिंदी अर्थ
हे महीपाल! रक्तहीन होकर वह महादैत्य रक्तबीज गिर पड़ा। हे राजन्! तब देवताओं को अतुलनीय हर्ष हुआ,
भावार्थ
रक्तबीज रक्तहीन होकर गिरता है।
