तथैव वैष्णवी शक्तिर्गरुडोपरि संस्थिता । शङ्खचक्रगदाशार्ङ्गखड्गहस्ताभ्युपाययौ ॥ १८ ॥
tathaiva vaiṣhṇavī śhaktirgaruḍopari saṁsthitā śhaṅkhachakragadāśhārṅgakhaḍgahastābhyupāyayau
हिंदी अर्थ
इसी प्रकार विष्णु की शक्ति वैष्णवी गरुड़ पर विराजमान होकर शंख, चक्र, गदा, शार्ङ्ग धनुष और खड्ग लिए आईं।
भावार्थ
वैष्णवी विष्णु के सब आयुध धारण करती हैं।
