Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 5, श्लोक 128

देव्या दूतसंवाद

एवमेतद् बली शुम्भो निशुम्भश्चातिवीर्यवान् । किं करोमि प्रतिज्ञा मे यदनालोचिता पुरा ॥ १२८ ॥

evametad balī śhumbho niśhumbhaśhchātivīryavān kiṁ karomi pratijñā me yadanālochitā purā

हिंदी अर्थ

"तुम्हारा कहना ठीक है: शुम्भ बलवान है और निशुम्भ भी बड़ा पराक्रमी। पर मैं क्या करूँ? मैंने पहले बिना सोचे प्रतिज्ञा कर ली थी।

भावार्थ

वे असहायता का विनोदी दिखावा बनाए रखती हैं।