Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 3, श्लोक 2

महिषासुरवध

निहन्यमानं तत्सैन्यमवलोक्य महासुरः । सेनानीश्चिक्षुरः कोपाद्ययौ योद्धुमथाम्बिकाम् ॥ २ ॥

nihanyamānaṁ tatsainyamavalokya mahāsuraḥ senānīśhchikṣhuraḥ kopādyayau yoddhumathāmbikām

हिंदी अर्थ

अपनी सेना का संहार होता देख महादैत्य सेनापति चिक्षुर क्रोध में भरकर अम्बिका से युद्ध करने आगे बढ़ा।

भावार्थ

अध्याय 3 मध्यम चरित्र का चरम है। सेनापति एक-एक करके गिरते हैं, और फिर स्वयं महिष अपने बदलते रूपों में युद्ध करता है।