निहन्यमानं तत्सैन्यमवलोक्य महासुरः । सेनानीश्चिक्षुरः कोपाद्ययौ योद्धुमथाम्बिकाम् ॥ २ ॥
nihanyamānaṁ tatsainyamavalokya mahāsuraḥ senānīśhchikṣhuraḥ kopādyayau yoddhumathāmbikām
हिंदी अर्थ
अपनी सेना का संहार होता देख महादैत्य सेनापति चिक्षुर क्रोध में भरकर अम्बिका से युद्ध करने आगे बढ़ा।
भावार्थ
अध्याय 3 मध्यम चरित्र का चरम है। सेनापति एक-एक करके गिरते हैं, और फिर स्वयं महिष अपने बदलते रूपों में युद्ध करता है।
