Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 2, श्लोक 45

महिषासुरसैन्यवध

युयुधे संयुगे तत्र रथानां परिवारितः । अन्ये च तत्रायुतशो रथनागहयैर्वृताः ॥ ४५ ॥

yuyudhe saṁyuge tatra rathānāṁ parivāritaḥ anye cha tatrāyutaśho rathanāgahayairvṛitāḥ

हिंदी अर्थ

घिरकर वहाँ युद्ध करने लगा। और हज़ारों अन्य महादैत्य रथ, हाथी और घोड़ों के साथ

भावार्थ

गीता प्रेस बताता है कि कुछ प्रतियों में यहाँ एक और असुर का नाम लेने वाली पंक्ति है।