तस्यास्तु दन्ताः सम्भूताः प्राजापत्येन तेजसा । नयनत्रितयं जज्ञे तथा पावकतेजसा ॥ १७ ॥
tasyāstu dantāḥ sambhūtāḥ prājāpatyena tejasā nayanatritayaṁ jajñe tathā pāvakatejasā
हिंदी अर्थ
उनके दाँत प्रजापति के तेज से और तीनों नेत्र अग्नि के तेज से प्रकट हुए।
भावार्थ
तीन नेत्र, शिव की तरह, तीसरा भौतिक से परे देखने वाला। वे अग्नि से आते हैं, जो देखती और शुद्ध करती है।
