Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 12, श्लोक 4

फलस्तुति

अष्टम्यां च चतुर्दश्यां नवम्यां चैकचेतसः । श्रोष्यन्ति चैव ये भक्त्या मम माहात्म्यमुत्तमम् ॥ ४ ॥

aṣhṭamyāṁ cha chaturdaśhyāṁ navamyāṁ chaikachetasaḥ śhroṣhyanti chaiva ye bhaktyā mama māhātmyamuttamam

हिंदी अर्थ

और जो अष्टमी, चतुर्दशी और नवमी को एकाग्रचित्त होकर भक्तिपूर्वक मेरे उत्तम माहात्म्य का श्रवण करेंगे,

भावार्थ

चान्द्र पक्ष की अष्टमी, चतुर्दशी और नवमी पाठ के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बताई गई हैं। यही एक कारण है कि नवरात्रि की अष्टमी और नवमी सप्तशती पाठ के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन माने जाते हैं।