नियुद्धं खे तदा दैत्यश्चण्डिका च परस्परम् । चक्रतुः प्रथमं सिद्धमुनिविस्मयकारकम् ॥ २३ ॥
niyuddhaṁ khe tadā daityaśhchaṇḍikā cha parasparam chakratuḥ prathamaṁ siddhamunivismayakārakam
हिंदी अर्थ
तब दैत्य और चण्डिका आकाश में एक-दूसरे से बाहुयुद्ध करने लगे, जो पहले सिद्धों और मुनियों को विस्मय में डालने वाला था।
भावार्थ
आकाश में युद्ध, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।
