Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 10, श्लोक 11

शुम्भवध

शरवर्षैः शितैः शस्त्रैस्तथास्त्रैश्चैव दारुणैः । तयोर्युद्धमभूद्भूयः सर्वलोकभयङ्करम् ॥ ११ ॥

śharavarṣhaiḥ śhitaiḥ śhastraistathāstraiśhchaiva dāruṇaiḥ tayoryuddhamabhūdbhūyaḥ sarvalokabhayaṅkaram

हिंदी अर्थ

बाणों की वर्षा, तीखे शस्त्रों और दारुण अस्त्रों से उन दोनों का युद्ध सब लोकों के लिए भयानक हो गया।

भावार्थ

बाण, तीखे शस्त्र और दिव्य अस्त्र, सब काम में आते हैं।