Bhakti Arohan
ॐ

दुर्गा सप्तशती — अध्याय 1, श्लोक 98

मधुकैटभवध

किमन्येन वरेणात्र एतावद्धि वृतं मम ॥ ९८ ॥

kimanyena vareṇātra etāvaddhi vṛitaṁ mama

हिंदी अर्थ

यहाँ दूसरे किसी वर से क्या लेना है? मैं बस इतना ही माँगता हूँ।"

भावार्थ

गीता प्रेस यहाँ "मम" के स्थान पर "मया" पाठान्तर बताता है।