वाहन मुहूर्त का तर्क
मुहूर्त ग्रंथ 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव के अनुसार बाँटते हैं और स्वभाव को कार्य से मिलाते हैं। घर के लिए स्थिर नक्षत्र चाहिए; वाहन, जो चलने के लिए ही है, चर नक्षत्रों — पुनर्वसु, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा — तथा क्षिप्र नक्षत्रों — अश्विनी, पुष्य और हस्त — से मेल खाता है। मृदु नक्षत्र मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा और रेवती भी व्यापक रूप से ग्राह्य हैं।
दिन का चुनाव
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार श्रेष्ठ हैं। बहुत-से परिवार मंगलवार या शनिवार को वाहन नहीं ख़रीदते — यह एक मज़बूत लोक-परंपरा है, यद्यपि सभी ग्रंथ इस पर ज़ोर नहीं देते।
- तिथि: रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अष्टमी और अमावस्या टालें।
- टालें: भद्रा, राहु काल, ग्रहण, और पितृ पक्ष (पूर्वजों के पखवाड़े में अधिकांश परिवार नई ख़रीद टालते हैं)।
- समय: डिलीवरी लाभ, अमृत, शुभ या चर चौघड़िया में लें। "चलने वाला" चर चौघड़िया वाहन और यात्रा के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है।
वाहन ख़रीद के लोकप्रिय दिन
- पुष्य नक्षत्र, विशेषकर गुरु पुष्य (गुरुवार को पुष्य) और रवि पुष्य (रविवार को पुष्य) — किसी भी ख़रीद के लिए सबसे अधिक माँगे जाने वाले दिन।
- धनतेरस, दीपावली पर्व का पहला दिन, जब धातु और नई वस्तुएँ ख़रीदना स्वयं एक अनुष्ठान है।
- अक्षय तृतीया, नवरात्रि और दशहरा — अबूझ या लगभग अबूझ दिन, जब अलग मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती। इसीलिए इन्हीं त्योहारों पर शोरूमों में साल की सबसे ज़्यादा भीड़ होती है।
वाहन पूजा: पहली पूजा
- पहली बार चलाने से पहले, या पास के मंदिर में, वाहन धोकर उसके बोनट या आगे के हिस्से पर कुमकुम या हल्दी से स्वस्तिक बनाया जाता है, चाहें तो दोनों ओर "शुभ" और "लाभ" लिखें।
- गणेश जी की प्रार्थना की जाती है — वे विघ्नहर्ता हैं, और सड़क पर विघ्न का अर्थ है दुर्घटना।
- स्टीयरिंग या हैंडल पर माला या कलावा बाँधा जाता है, और वाहन के सामने नारियल फोड़ा जाता है।
- बहुत-से चालक डैशबोर्ड पर गणेश या हनुमान जी की छोटी प्रतिमा रखते हैं। आगे लटकाई जाने वाली नींबू-मिर्च नज़र से बचाव की लोक-परंपरा है।
- पहली यात्रा प्रायः किसी मंदिर तक होती है।
सबसे ज़रूरी "मुहूर्त"
कोई शुभ दिन लापरवाह चालक की रक्षा नहीं करता। पूजा और मुहूर्त कृतज्ञता और प्रार्थना से किया गया आरंभ हैं; सीट-बेल्ट, हेलमेट और होश में चलाने वाला चालक ही वाहन और सवारियों को वास्तव में सकुशल घर लाते हैं।
