वेदाहं समतीतानि वर्तमानानि चार्जुन । भविष्याणि च भूतानि मां तु वेद न कश्चन ॥ २६ ॥
vedāhaṁ samatītāni vartamānāni chārjuna bhaviṣhyāṇi cha bhūtāni māṁ tu veda na kaśhchana
हिंदी अर्थ
हे अर्जुन! पूर्व में व्यतीत हुए, वर्तमान में स्थित और आगे होने वाले सब प्राणियों को मैं जानता हूँ, परंतु मुझे कोई नहीं जानता।
भावार्थ
ईश्वर का ज्ञान सब कालों में पूर्ण है, जबकि हमारा ज्ञान वर्तमान क्षण तक सीमित है। इसीलिए ईश्वर को जानना हमारी चतुराई पर नहीं, उनकी कृपा और हमारे समर्पण पर निर्भर है।