बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि पार्थ सनातनम् । बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ॥ १० ॥
bījaṁ māṁ sarva-bhūtānāṁ viddhi pārtha sanātanam buddhir buddhimatām asmi tejas tejasvinām aham
हिंदी अर्थ
हे पार्थ! तुम सब प्राणियों का सनातन बीज मुझे ही जानो। मैं बुद्धिमानों की बुद्धि और तेजस्वियों का तेज हूँ।
भावार्थ
"सनातन बीज" — जैसे एक बीज में पूरा वृक्ष समाया होता है, वैसे ही ईश्वर में सब प्राणियों की संभावना है। दूसरों में जिस भी प्रतिभा की हम प्रशंसा करते हैं, वह अंततः उन्हीं की है।