भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते त्वां महारथाः । येषां च त्वं बहुमतो भूत्वा यास्यसि लाघवम् ॥ ३५ ॥
bhayād raṇād uparataṁ mansyante tvāṁ mahā-rathāḥ yeṣhāṁ cha tvaṁ bahu-mato bhūtvā yāsyasi lāghavam
हिंदी अर्थ
महारथी यह मानेंगे कि तुम भय के कारण युद्ध से हट गए; और जिनकी दृष्टि में तुम बहुत सम्मानित थे, उनकी दृष्टि में तुम तुच्छ हो जाओगे।
भावार्थ
श्रीकृष्ण बताते हैं कि कोई अर्जुन के हटने को करुणा नहीं समझेगा — वे इसे भय समझेंगे। हमारे आंतरिक उद्देश्य प्रायः दूसरों को दिखाई नहीं देते; कर्मों को उनके बाहरी रूप और परिणामों से परखा जाता है।