अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारदः । गन्धर्वाणां चित्ररथः सिद्धानां कपिलो मुनिः ॥ २६ ॥
aśhvatthaḥ sarva-vṛikṣhāṇāṁ devarṣhīṇāṁ cha nāradaḥ gandharvāṇāṁ chitrarathaḥ siddhānāṁ kapilo muniḥ
हिंदी अर्थ
मैं सब वृक्षों में पीपल का वृक्ष, देवर्षियों में नारद मुनि, गंधर्वों में चित्ररथ और सिद्धों में कपिल मुनि हूँ।
भावार्थ
अश्वत्थ (पीपल) वृक्ष पूरे भारत में पवित्र माना जाता है, और यह श्लोक इसका एक कारण है। कपिल वे मुनि हैं जिन्हें परंपरा से सांख्य दर्शन का संस्थापक माना जाता है।