Bhakti Arohan
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केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री महाराजा रणबीर सिंह परिसर, जम्मू

Central Sanskrit University, Shri Maharaja Ranbir Singh Campus, Jammu

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री महाराजा रणबीर सिंह परिसर, जम्मू
स्थापना
1 April 1971 (as a Kendriya Sanskrit Vidyapeetha)
प्रकार
महाविद्यालय
स्थान
Jammu, Jammu and Kashmir

परिचय

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का जम्मू परिसर, जो जम्मू-कश्मीर के शासकों द्वारा स्थापित श्री रघुनाथ संस्कृत महाविद्यालय से विकसित हुआ। यहाँ वेद, व्याकरण, ज्योतिष, दर्शन, साहित्य और काश्मीर शैव दर्शन में प्राक्शास्त्री से आचार्य और पीएच.डी. तक, तथा संस्कृत शिक्षकों के लिए बी.एड. और एम.एड. की पढ़ाई होती है।

पाठ्यक्रम एवं अध्ययन क्षेत्र

  • प्राक्शास्त्री (उच्चतर माध्यमिक), शास्त्री (बी.ए.), आचार्य (एम.ए.)
  • शिक्षाशास्त्री (बी.एड.) और शिक्षाचार्य (एम.एड.)
  • विद्यावारिधि (पीएच.डी.)
  • विभाग: वेद, व्याकरण, ज्योतिष (फलित व सिद्धान्त), दर्शन, साहित्य, शिक्षाशास्त्र, काश्मीर शैव दर्शन
  • दूरस्थ शिक्षा (मुक्त स्वाध्याय केन्द्र)

इतिहास

रघुनाथ संस्कृत महाविद्यालय से

जम्मू-कश्मीर के पूर्व शासक द्वारा स्थापित श्री रघुनाथ संस्कृत महाविद्यालय को 1 अप्रैल 1971 को राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान ने अपने घटक विद्यापीठ के रूप में लिया और इसका नाम श्री रणबीर केन्द्रीय संस्कृत विद्यापीठ रखा। संस्थान के मानद विश्वविद्यालय बनने पर इसका नाम श्री रणबीर परिसर हुआ, और अब यह केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का परिसर है। संस्कृत शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए शिक्षाशास्त्री (बी.एड.) पाठ्यक्रम यहाँ 1979 में आरंभ हुआ।

काश्मीर शैव दर्शन और आज का परिसर

परिसर में आठ विभाग हैं, जिनमें काश्मीर शैव दर्शन विभाग भी है, और इसने इस दर्शन का शब्दकोश — काश्मीर शैव दर्शन कोश — तैयार करने की परियोजना ली है, जिसके दो खंड प्रकाशित हो चुके हैं। कोट भलवाल में इसके अपने मुख्य भवन, पुस्तकालय और आवासीय खंड का उद्घाटन 18 मार्च 2007 को डॉ. कर्ण सिंह ने किया, जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा आवंटित 10.45 एकड़ भूमि पर। पुस्तकालय में लगभग 39,000 पुस्तकें हैं, और छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास हैं।