केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, राजीव गांधी परिसर, शृंगेरी
Central Sanskrit University, Rajiv Gandhi Campus, Sringeri

- स्थापना
- 13 January 1992
- प्रकार
- महाविद्यालय
- स्थान
- Sringeri, Karnataka
परिचय
शृंगेरी शारदा पीठम् के पास 1992 में स्थापित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का शृंगेरी परिसर, जहाँ संस्कृत ही अध्यापन का माध्यम है। यहाँ व्याकरण, ज्योतिष, मीमांसा, न्याय, वेदान्त और साहित्य में प्राक्शास्त्री से आचार्य और पीएच.डी., साथ में बी.एड. और वास्तु में डिप्लोमा की पढ़ाई होती है।
पाठ्यक्रम एवं अध्ययन क्षेत्र
- प्राक्शास्त्री, शास्त्री (बी.ए.), आचार्य (एम.ए.)
- शिक्षाशास्त्री (बी.एड.)
- विद्यावारिधि (पीएच.डी.)
- शास्त्र: व्याकरण, ज्योतिष, मीमांसा, न्याय, वेदान्त, साहित्य
- वास्तुशास्त्र में डिप्लोमा
- दूरस्थ शिक्षा (स्वाध्याय केन्द्र)
इतिहास
1992 में स्थापना
राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान ने 13 जनवरी 1992 को शृंगेरी में राजीव गांधी केन्द्रीय संस्कृत विद्यापीठ की स्थापना की। इसकी आधारशिला शृंगेरी शारदा पीठम् के जगद्गुरु श्री भारती तीर्थ महास्वामीजी ने राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण और केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह की उपस्थिति में रखी। 2002 में संस्थान के मानद विश्वविद्यालय घोषित होने पर यह परिसर बना, और अब केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का परिसर है।
पीठ के पास, संस्कृत में अध्ययन
ऋषि विभाण्डक और ऋष्यशृंग से तथा आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित शारदा पीठ से जुड़ा शृंगेरी इस परिसर की पृष्ठभूमि है। यहाँ संस्कृत ही अध्यापन और दैनिक संवाद का माध्यम है; वाग्वर्धिनी परिषद्, शारदा विशिष्ट व्याख्यानमाला और वाक्यार्थ परिषद् छात्रों को संस्कृत संभाषण और शास्त्रार्थ में प्रशिक्षित करती हैं। छात्रों को शृंगेरी मठ से दोपहर का भोजन — शारदा प्रसाद — मिलता है, और सर्वोच्च अंक पाने वालों को जगद्गुरु श्री भारती तीर्थ स्वर्ण पदक दिया जाता है। परिसर 10.2 एकड़ में है, छात्र-छात्राओं के छात्रावासों के साथ।
