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शिव पूजा विधिसोमवार और शिवरात्रि को घर पर शिवलिंग पूजन

घर पर भगवान शिव की पूजा कैसे करें: शिवलिंग का अभिषेक, बेलपत्र और सही भेंट, शिव को क्या कभी न चढ़ाएँ, आधी परिक्रमा, मंत्र, स्तोत्र और आरती, और कब करें।

प्रसन्न करने में सबसे सरल देवता

शिव को आशुतोष, यानी "शीघ्र प्रसन्न होने वाले", कहा जाता है। उनकी पूजा में बहुत कम चाहिए: भक्ति से शिवलिंग पर चढ़ाया जल, एक बेलपत्र, और उनका पंचाक्षर नाम। शिवलिंग उनका निराकार रूप है, और जिस आधार पर वह स्थित है (जलहरी) वह पार्वती हैं, इसलिए शिवलिंग पूजा दोनों का सम्मान है।

कब करें

  • सोमवार, उनका दिन, विशेषकर श्रावण के सोमवार। देखें सोमवार शिव भक्ति।
  • प्रदोष: हर पक्ष की त्रयोदशी, संध्या के समय।
  • हर मास की मासिक शिवरात्रि, और सबसे बढ़कर महाशिवरात्रि, रात भर पूजा के साथ।

पूजा सामग्री

  • शिवलिंग (या शिव का चित्र)
  • तांबे या पीतल के लोटे में जल, गंगाजल सहित; अभिषेक के लिए कच्चा दूध
  • बेलपत्र (तीन पत्तियों वाले), धतूरा, आक के फूल, सफ़ेद फूल
  • चंदन, भस्म, अक्षत
  • घी का दीपक, धूप, कपूर
  • भोग: फल, या कोई सादी मिठाई
  • रुद्राक्ष की माला

क्रमवार विधि

  1. तैयारी। स्नान करें, स्वच्छ (संभव हो तो सफ़ेद) वस्त्र पहनें, और उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठें।
  2. पहले गणेश। गणेश जी को एक फूल चढ़ाएँ।
  3. संकल्प। दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम और प्रार्थना कहें, फिर जल छोड़ दें।
  4. जलाभिषेक। ॐ नमः शिवाय जपते हुए शिवलिंग पर पतली, स्थिर धार से जल चढ़ाएँ। पूरी विधि शिवलिंग जलाभिषेक में है।
  5. दूध और जल। कच्चा दूध चढ़ाएँ, फिर फिर से स्वच्छ जल।
  6. चंदन और भस्म। चंदन लगाएँ और भस्म की तीन रेखाएँ (त्रिपुंड) बनाएँ।
  7. बेलपत्र। बेलपत्र चिकनी ओर से शिवलिंग पर रखें, फिर धतूरा और सफ़ेद फूल चढ़ाएँ।
  8. दीप, धूप, भोग। दीपक और धूप दिखाएँ, और फल या मिठाई अर्पित करें।
  9. मंत्र। रुद्राक्ष की माला पर ॐ नमः शिवाय का 108 बार जप करें, या स्वास्थ्य और रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र।
  10. पाठ। शिव चालीसा पढ़ें, या कोई स्तोत्र: शिव पंचाक्षर, रुद्राष्टकम् या लिंगाष्टकम्।
  11. आरती। ॐ जय शिव ओंकारा गाएँ।
  12. आधी परिक्रमा। शिवलिंग की दक्षिणावर्त परिक्रमा जलहरी की टोंटी तक ही करें, फिर लौट आएँ। उससे बहने वाले जल को लाँघा नहीं जाता।

शिव को क्या न चढ़ाएँ

  • तुलसी (वह विष्णु की है)।
  • केतकी के फूल, जिन्हें अनंत लिंग की पौराणिक कथा में शिव ने अस्वीकार किया था।
  • शिवलिंग पर हल्दी और कुमकुम; उनकी जगह चंदन और भस्म।
  • शंख से जल।
  • टूटे या फटे बेलपत्र; तीन पत्तियों वाला बेलपत्र पूरा होना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या घर में शिवलिंग रख सकते हैं?

हाँ। बहुत-से घरों में अँगूठे के आकार से बड़ा न होने वाला छोटा शिवलिंग रखा जाता है, जिस पर रोज़ जल चढ़ाया जाता है। उसे कभी बिना पूजा के नहीं छोड़ना चाहिए।

आधी परिक्रमा ही क्यों?

शिवलिंग की टोंटी से बहने वाला जल और अर्पण इतना पवित्र माना जाता है कि उसे लाँघा नहीं जाता, इसलिए भक्त वृत्त पूरा करने के बजाय टोंटी पर लौट आते हैं।

शिव पूजा के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

सोमवार, प्रदोष और महाशिवरात्रि, और पूरा श्रावण मास उन्हें विशेष प्रिय है।

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