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श्री राम पूजा विधिराम दरबार पूजन और राम नवमी

घर पर सीता, लक्ष्मण और हनुमान सहित श्रीराम की पूजा कैसे करें: सामग्री, पूजा का क्रम, राम नाम जप, राम रक्षा स्तोत्र, रामायण पाठ और आरती, राम नवमी की मध्याह्न पूजा, और आम प्रश्नों के उत्तर।

पूरे दरबार की पूजा

श्रीराम की पूजा अकेले कम ही होती है। घर का चित्र राम दरबार होता है: सिंहासन पर राम और सीता, पास में लक्ष्मण, और चरणों में बैठे हनुमान। इसलिए राम पूजा पूरे रामायण-परिवार का सम्मान है, और इसका हृदय है राम नाम, जिसे तुलसीदास स्वयं राम से भी बड़ा बताते हैं।

कब करें

  • प्रतिदिन, सुबह या शाम, विशेषकर रामचरितमानस के पाठ के साथ।
  • राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी), चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन। राम का जन्म मध्याह्न में मनाया जाता है।
  • विजयादशमी और दीपावली, उनकी विजय और अयोध्या-आगमन।
  • मंगलवार और शनिवार, हनुमान जी के साथ।

पूजा सामग्री

  • राम दरबार का चित्र
  • गंगाजल, जल का लोटा, राम नवमी के लिए पंचामृत
  • पीले वस्त्र या पीला कपड़ा, चंदन, कुमकुम, अक्षत
  • पीले और लाल फूल, माला, और तुलसी दल (राम विष्णु के अवतार हैं)
  • घी का दीपक, धूप, कपूर
  • भोग: खीर, पंजीरी, फल; राम नवमी पर पानक या मीठा जल भी अर्पित होता है

क्रमवार विधि

  1. तैयारी। स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें, और पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें।
  2. पहले गणेश। गणेश जी को एक फूल चढ़ाएँ।
  3. संकल्प। दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम और प्रार्थना कहें, फिर जल छोड़ दें।
  4. शुद्धि और शृंगार। गंगाजल छिड़कें, राम और सीता को चंदन और कुमकुम लगाएँ, और पीला वस्त्र अर्पित करें।
  5. फूल और तुलसी। चारों को फूल चढ़ाएँ, और राम जी को तुलसी दल।
  6. दीप और धूप। दीपक जलाएँ और धूप दिखाएँ।
  7. भोग। तुलसी दल के साथ खीर या फल अर्पित करें।
  8. मंत्र। श्री राम मंत्र, या बस "श्री राम जय राम जय जय राम", का 108 बार जप करें।
  9. पाठ। राम रक्षा स्तोत्र, राम चालीसा, या रामचरितमानस अथवा सुंदरकांड का कुछ अंश पढ़ें।
  10. आरती। आरती कीजे श्री रघुवर जी की गाएँ; रामायण पाठ के बाद आरती श्री रामायण जी की भी।
  11. हनुमान। अंत में हनुमान जी को प्रणाम करें, जो जहाँ भी राम का स्मरण होता है वहाँ उपस्थित माने जाते हैं।
  12. समापन। क्षमा माँगें, प्रणाम करें, और प्रसाद बाँटें।

मध्याह्न की राम नवमी

राम नवमी पर बहुत-से भक्त मध्याह्न पूजा तक व्रत रखते हैं। दोपहर में बाल राम की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराया जाता है, सजे हुए पालने में रखकर झुलाया जाता है, और भक्त तुलसीदास का राम-जन्म स्तुति "भए प्रगट कृपाला" और आरती गाते हैं। रामचरितमानस का पाठ प्रायः चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों तक चलता है और राम नवमी को पूर्ण होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीराम के लिए कौन-सा मंत्र जपें?

सबसे सरल और प्रिय उनका नाम है: "राम" या "श्री राम जय राम जय जय राम"। साथ में देखें श्री राम मंत्र और राम रक्षा स्तोत्र।

राम पूजा में हनुमान जी क्यों?

हनुमान राम के परम भक्त हैं, जो हर राम दरबार में उनके चरणों में बैठे हैं। परंपरा मानती है कि राम की पूजा से हनुमान प्रसन्न होते हैं, और हनुमान की पूजा से राम।

राम नवमी की पूजा किस समय होती है?

मध्याह्न में, जो राम के जन्म का समय है। अपने शहर का सटीक समय स्थानीय पंचांग से देखें।

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