आर्ष विद्या गुरुकुलम्, आनैकट्टी (कोयंबटूर)
Arsha Vidya Gurukulam, Anaikatti (Coimbatore)

- स्थापना
- 1990
- प्रकार
- गुरुकुल
- स्थान
- Coimbatore, Tamil Nadu
परिचय
अद्वैत वेदान्त और संस्कृत के पारंपरिक अध्ययन का आवासीय गुरुकुलम्, जिसकी स्थापना 1990 में स्वामी दयानन्द सरस्वती ने कोयंबटूर से लगभग 25 कि.मी. दूर नीलगिरि की तलहटी में की। छात्र आचार्य के साथ रहकर सम्प्रदाय की परंपरागत शैली में उपनिषद्, भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र पढ़ते हैं।
पाठ्यक्रम एवं अध्ययन क्षेत्र
- वेदान्त का आवासीय पाठ्यक्रम (उपनिषद्, भगवद्गीता, ब्रह्मसूत्र और सम्बद्ध ग्रंथ)
- पाठ्यक्रम के भीतर संस्कृत कक्षाएँ (भाषा की मूल बातें, शब्द और धातु रूप)
- प्रार्थना, पाठ, निर्देशित ध्यान और सत्संग
- परिसर में वेद पाठशाला
- छोटे कार्यक्रम और शिविर (गुरुकुलम् के कार्यक्रम देखें)
इतिहास
स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा स्थापना (1990)
आर्ष विद्या गुरुकुलम् की स्थापना 1990 में वेदान्त के प्रख्यात आचार्य और संस्कृत विद्वान स्वामी दयानन्द सरस्वती ने प्राचीन भारत के गुरुकुलों के आदर्श पर की। आर्ष का अर्थ है "ऋषियों से आया हुआ", विद्या ज्ञान है, और गुरुकुलम् वह आवासीय केंद्र है जहाँ शिष्य आचार्य के साथ रहकर सीखता है।
शिक्षण की पद्धति
यहाँ वेदान्त सम्प्रदाय, यानी परंपरागत शिक्षण-पद्धति, के अनुरूप पढ़ाया जाता है — ऐसे वातावरण में जिसे गुरुकुलम् "जितना आधुनिक, उतना ही पारंपरिक" कहता है। अपनी रुचि और प्रतिबद्धता के आधार पर चुने गए भारत और विदेश के छात्र उपनिषद्, भगवद्गीता, ब्रह्मसूत्र और सम्बद्ध शास्त्रीय ग्रंथ पढ़ते हैं, और कक्षाओं जितना ही गुरुकुलम् में रहने से सीखते हैं। परिसर में एक वेद पाठशाला भी है।
आवासीय वेदान्त पाठ्यक्रम
इसके लंबे आवासीय पाठ्यक्रम वेदान्त की दृष्टि और सम्बद्ध विषयों को समेटते हैं: ईश्वर की वैदिक दृष्टि, कर्मयोग, मूल्य, और शिक्षा को आत्मसात करने में सहायक साधनाएँ — गीता, उपनिषदों और महाभारत से। सामान्य दिन में दो वेदान्त कक्षाएँ और निर्देशित ध्यान, संस्कृत, प्रार्थना व पाठ, और सत्संग के सत्र होते हैं, सप्ताह में छह दिन। आवेदक स्नातक हों और अंग्रेज़ी में सहज हों।
