मिथुन वार्षिक राशिफल 2026
♊︎ मिथुन राशि — चंद्र राशि से, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के आधार पर।
मिथुन राशिफल — 2026
सावधानी2026 में बारह में से 2 महीने मिथुन राशि के लिए अनुकूल रहेंगे — सितंबर और दिसंबर, जबकि जनवरी, फ़रवरी, मार्च, मई, जुलाई, अक्टूबर और नवंबर में अधिक सावधानी चाहिए।
वृद्धि और आशीर्वाद का ग्रह गुरु इस वर्ष लगभग 5 महीने आपके अनुकूल भाव में रहेगा, और धैर्यपूर्ण मेहनत का फल देने वाला शनि इस वर्ष किसी भी समय आपके अनुकूल भाव में नहीं रहेगा। यही दो ग्रह वर्ष की दिशा तय करते हैं — नीचे का मासिक विवरण बताता है कि तेज़ चलने वाले ग्रह कब इसमें साथ देते हैं और कब बाधा डालते हैं।
शुभ अंक, शुभ रंग और शुभ दिन
- शुभ अंक
- 5
- शुभ रंग
- हरा
- शुभ दिशा
- पश्चिम
- इस वर्ष के शुभ महीने
- सितंबर, दिसंबर
- सावधानी के महीने
- जनवरी, फ़रवरी, मार्च, मई, जुलाई, अक्टूबर, नवंबर
- मिथुन राशि के शुभ वार
- मंगलवार, गुरुवार, रविवार
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
- करियर★★★★★
- धन★★★★★
- प्रेम और परिवार★★★★★
- स्वास्थ्य★★★★★
माह-दर-माह
- जनवरी7 में से 1 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके आठवें भाव (बाधाएँ और अचानक घटनाएँ) में।सावधानी
- फ़रवरी7 में से 1 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म और बड़े) में।सावधानी
- मार्च7 में से 1 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके दसवें भाव (कर्म और प्रतिष्ठा) में।सावधानी
- अप्रैल7 में से 3 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके ग्यारहवें भाव (लाभ और इच्छापूर्ति) में।मिश्रित
- मई7 में से 2 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके बारहवें भाव (व्यय, विश्राम और त्याग) में।सावधानी
- जून7 में से 3 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके बारहवें भाव (व्यय, विश्राम और त्याग) में।मिश्रित
- जुलाई7 में से 2 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके पहले भाव (स्वयं और शरीर) में।सावधानी
- अगस्त7 में से 3 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में।मिश्रित
- सितंबर7 में से 4 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ) में।अनुकूल
- अक्टूबर7 में से 2 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके चौथे भाव (घर, माता और मन की शांति) में।सावधानी
- नवंबर7 में से 2 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके पाँचवें भाव (बुद्धि, संतान और प्रेम) में।सावधानी
- दिसंबर7 में से 4 ग्रह अनुकूल; सूर्य आपके छठे भाव (शत्रु, ऋण और रोग) में।अनुकूल
ग्रह गोचर
- गुरुमिथुन से 1वाँ भावचुनौतीपूर्ण
1 जनवरी से: जन्म राशि पर गुरु परंपरा से मिश्रित फल देता है — समझ में वृद्धि, पर ठहराव का भाव; जल्दबाज़ी में स्थान परिवर्तन न करें।
2 जून को यह कर्क राशि, यानी आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा: दूसरे भाव में गुरु धन, परिवार में वृद्धि और वाणी के सम्मान के लिए अत्यंत शुभ है। 31 अक्टू॰ को यह सिंह राशि, यानी आपके तीसरे भाव में प्रवेश करेगा: तीसरे भाव में गुरु धीमी प्रगति और पद-स्थान में परिवर्तन देता है; हर लाभ के लिए प्रयास करना होगा।
- शनिमिथुन से 10वाँ भावचुनौतीपूर्ण
1 जनवरी से: दसवें भाव में शनि काम का भारी बोझ और जवाबदेही देता है; परिणाम लगन से मिलेंगे।
- राहुमिथुन से 9वाँ भावचुनौतीपूर्ण
1 जनवरी से: नौवें भाव में राहु आस्था को डगमगा सकता है और पिता या गुरु से संबंधों में तनाव दे सकता है।
6 दिस॰ को यह मकर राशि, यानी आपके आठवें भाव में प्रवेश करेगा: आठवें भाव में राहु अचानक घटनाएँ और छिपी चिंताएँ देता है; जोखिम भरे निवेश से बचें।
उपाय
- गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और गाय को हरा चारा खिलाएँ। गणेश चालीसा →
- पीले फूलों से भगवान विष्णु की पूजा करें और चने की दाल या केले अर्पित करें। विष्णु चालीसा →
यह राशिफल कैसे निकाला गया है
भक्ति आरोहण टीम · दिन की ग्रह स्थिति से गणना
- वार्षिक फल गुरु, शनि और राहु के पूरे वर्ष के गोचर पर आधारित है, उनके राशि बदलने की सटीक तारीख़ों के साथ। हर महीने का अनुमान इस पर है कि उस महीने की 15 तारीख़ को सात ग्रहों (सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र, गुरु, शनि, राहु) में से कितने आपकी राशि से अनुकूल भाव में हैं।
- शुभ अंक मिथुन राशि के स्वामी बुध से लिया गया है; शुभ रंग उस दिन के स्वामी ग्रह का रंग है जब वार राशि के अनुकूल हो, वरना बुध का अपना रंग।
यह चंद्र राशि पर आधारित फल है — इस राशि में चंद्रमा वाले सभी लोगों के लिए एक समान। आपकी अपनी जन्म कुंडली, दशा और लग्न से गोचर का असर बदलता है, इसलिए बड़े फ़ैसलों के लिए किसी ज्योतिषी से परामर्श लें। ज्योतिषी से बात करें
