Bhakti Arohan
ॐ

पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार

University of Patanjali, Haridwar

पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार
स्थापना
2006
प्रकार
विश्वविद्यालय
स्थान
Haridwar, Uttarakhand

परिचय

पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में 2006 में स्थापित, यूजीसी (धारा 2(f)) से मान्य और नैक-प्रत्यायित विश्वविद्यालय। अपने बड़े योग विज्ञान विभाग के साथ यह बी.ए., एम.ए. और पीएच.डी. स्तर पर संस्कृत, व्याकरण, दर्शन और वेद पढ़ाता है, और इन पारंपरिक विषयों के छात्रों को शुल्क में छूट देता है।

पाठ्यक्रम एवं अध्ययन क्षेत्र

  • योग विज्ञान: बी.ए. योग, बी.एससी. योग विज्ञान, एम.ए. योग, एम.एससी. योग विज्ञान, योग विज्ञान में पी.जी. डिप्लोमा, पीएच.डी., डी.लिट.
  • संस्कृत: एम.ए. संस्कृत साहित्य, एम.ए. संस्कृत व्याकरणम्, एम.ए. वेद, पीएच.डी. (संस्कृत)
  • दर्शन: एम.ए. दर्शन, पीएच.डी.
  • अन्य विभागों में मनोविज्ञान, प्राकृतिक चिकित्सा, शारीरिक शिक्षा, प्रदर्शन कला, इतिहास और पत्रकारिता शामिल हैं

इतिहास

2006 में स्थापना

पतंजलि विश्वविद्यालय की स्थापना 2006 में हुई; यह यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2(f) के अंतर्गत मान्य और नैक से प्रत्यायित है। इसका घोषित दृष्टिकोण प्राचीन वैदिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के समन्वय से वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना, और भारत की सांस्कृतिक विरासत व ज्ञान परंपरा को पुनः प्रतिष्ठित करना है। दैनिक यज्ञ और योगाभ्यास परिसर के जीवन का अंग हैं।

योग, संस्कृत और दर्शन विभाग

योग विज्ञान विभाग और संस्कृत विभाग, दोनों की स्थापना 2009 में हुई। योग विभाग बी.ए. और बी.एससी. से लेकर पीएच.डी. और डी.लिट. तक के कार्यक्रम चलाता है। संस्कृत विभाग व्याकरण और साहित्य के साथ पांडुलिपि-विज्ञान और संस्कृत संगणकीय भाषाविज्ञान पर भी काम करता है। 2016 से चल रहा दर्शन विभाग गुरु-शिष्य परंपरा की शैली में पढ़ाता है। विश्वविद्यालय इन विभागों के छात्रों को शुल्क में 50% छूट और आजीवन ब्रह्मचारियों व संन्यासियों को पूरी छूट देता है।