श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी
Shree Jagannath Sanskrit University, Puri

- स्थापना
- 1981
- प्रकार
- विश्वविद्यालय
- स्थान
- Puri, Odisha
परिचय
पुरी के श्रीविहार में स्थित ओडिशा का संस्कृत विश्वविद्यालय, जिसकी स्थापना 1981 में हुई। शिक्षण-सह-सम्बद्धक विश्वविद्यालय के रूप में यहाँ वेद, व्याकरण, साहित्य, ज्योतिर्विज्ञान, न्याय, धर्मशास्त्र और अद्वैत वेदान्त में शास्त्री और आचार्य पढ़ाए जाते हैं, तथा संस्कृत उच्च शोध केंद्र और पांडुलिपि संसाधन केंद्र कार्यरत हैं।
पाठ्यक्रम एवं अध्ययन क्षेत्र
- वेद, व्याकरण, साहित्य, ज्योतिर्विज्ञान, न्याय, धर्मशास्त्र और अद्वैत वेदान्त में शास्त्री (स्नातक)
- इन्हीं विषयों में आचार्य (स्नातकोत्तर)
- शिक्षाशास्त्री (बी.एड.)
- विशिष्टाचार्य (एम.फिल.) और शोध
इतिहास
1981 में स्थापना
7 जुलाई 1981 को ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री और संस्कृत के संरक्षक प्रज्ञान वाचस्पति डॉ. जानकी बल्लभ पटनायक ने इसकी आधारशिला रखी। विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से संस्कृत अध्ययन व शोध के पुनरुद्धार, संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित है।
शिक्षण, शोध और पांडुलिपियाँ
परिसर में आठ स्नातकोत्तर विभाग हैं, और ओडिशा भर के उपशास्त्री (+2) व शास्त्री (+3) संस्कृत महाविद्यालय इससे सम्बद्ध हैं। इसका संस्कृत उच्च शोध केंद्र "श्रीजगन्नाथज्योतिः" पत्रिका प्रकाशित करता है, और पांडुलिपि संसाधन केंद्र राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के साथ ओडिशा भर में पांडुलिपियों का सर्वेक्षण करता है।
