Bhakti Arohan
ॐ

कन्या मासिक राशिफलअक्टूबर 2026

♍︎ कन्या राशि — चंद्र राशि से, ग्रहों की वास्तविक स्थिति के आधार पर।

कन्या राशिफल — अक्टूबर 2026

अनुकूल

अक्टूबर 2026 में मासिक फल के सात ग्रहों में से 5 कन्या राशि के लिए अनुकूल भावों में हैं। मंगल, बुध, शुक्र, गुरु और राहु का साथ मिलेगा, जबकि सूर्य और शनि अपने क्षेत्रों में धैर्य माँगते हैं।

शुभ अंक, शुभ रंग और शुभ दिन

शुभ अंक
5
शुभ रंग
हरा
शुभ दिशा
दक्षिण
इस महीने की शुभ तिथियाँ
3 अक्टू॰, 4 अक्टू॰, 5 अक्टू॰, 6 अक्टू॰, 14 अक्टू॰, 15 अक्टू॰, 16 अक्टू॰, 22 अक्टू॰, 23 अक्टू॰, 30 अक्टू॰, 31 अक्टू॰
सावधानी के दिन (चंद्राष्टम)
26 अक्टू॰, 27 अक्टू॰
कन्या राशि के शुभ वार
बुधवार, शुक्रवार, शनिवार

करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

  • करियर★★★★★
  • धन★★★★★
  • प्रेम और परिवार★★★★★
  • स्वास्थ्य★★★★★

ग्रह गोचर

  • सूर्यकन्या से 1वाँ भावचुनौतीपूर्ण

    सूर्य आपकी राशि पर होने से जोश और शरीर की गर्मी बढ़ती है — आप पूरी ताक़त से काम करेंगे, पर गुस्सा और थकान भी रहेगी; वरिष्ठों से टकराव से बचें।

    18 अक्टू॰ को यह तुला राशि, यानी आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा: दूसरे भाव में सूर्य धन और वाणी पर दबाव डालता है — परिवार पर खर्च और घर में कठोर शब्द जोखिम हैं; आँखों का ध्यान रखें।

  • मंगलकन्या से 11वाँ भावसहायक

    ग्यारहवें भाव में मंगल लाभ, भूमि-संपत्ति से फ़ायदा और प्रयासों में सफलता देता है; लक्ष्य पूरे करने का अच्छा समय।

  • बुधकन्या से 2वाँ भावसहायक

    दूसरे भाव में बुध वाणी, लेखन और व्यापार से कमाई में मदद करता है; परिवार में बातचीत अच्छी रहेगी।

  • शुक्रकन्या से 2वाँ भावसहायक

    दूसरे भाव में शुक्र आय और पारिवारिक सुख बढ़ाता है; अच्छा भोजन और मधुर वाणी।

  • गुरुकन्या से 11वाँ भावसहायक

    ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ, इच्छापूर्ति और प्रभावशाली लोगों का सहयोग देता है।

    31 अक्टू॰ को यह सिंह राशि, यानी आपके बारहवें भाव में प्रवेश करेगा: बारहवें भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है — शुभ कार्य, यात्रा या धर्म पर — इसलिए बचत पर नज़र रखें।

  • शनिकन्या से 7वाँ भावचुनौतीपूर्ण

    सातवें भाव में शनि दांपत्य में दूरी और साझेदारी में धीमापन देता है; रिश्तों को समय दें।

  • राहुकन्या से 6वाँ भावसहायक

    छठे भाव में राहु विरोधियों को परास्त करता है और कर्ज़-विवाद निपटाने में मदद करता है।

उपाय

  • गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और गाय को हरा चारा खिलाएँ। गणेश चालीसा →

यह राशिफल कैसे निकाला गया है

भक्ति आरोहण टीम · दिन की ग्रह स्थिति से गणना

  • चंद्र राशि से, पारंपरिक गोचर तालिका के अनुसार: आपकी राशि से हर ग्रह का भाव तय करता है कि उसका गोचर सहायक है या बाधक। शुभ तिथियाँ वे दिन हैं जब चंद्रमा आपके तीसरे, छठे, दसवें या ग्यारहवें भाव में हो; सावधानी की तिथियाँ चंद्राष्टम (आठवें भाव में चंद्रमा) हैं।
  • शुभ अंक कन्या राशि के स्वामी बुध से लिया गया है; शुभ रंग उस दिन के स्वामी ग्रह का रंग है जब वार राशि के अनुकूल हो, वरना बुध का अपना रंग।

यह चंद्र राशि पर आधारित फल है — इस राशि में चंद्रमा वाले सभी लोगों के लिए एक समान। आपकी अपनी जन्म कुंडली, दशा और लग्न से गोचर का असर बदलता है, इसलिए बड़े फ़ैसलों के लिए किसी ज्योतिषी से परामर्श लें। ज्योतिषी से बात करें

आज का पंचांग →तिथि, नक्षत्र, राहु काल और इस महीने की पूर्णिमा, अमावस्या व एकादशी।